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Real Estate जुल 13, 2026

घर बनाने के लिए जमा की गई रक़म की ज़कात

प्रश्न

मैं कई सालों से अपने प्लॉट पर घर बनाने के लिए पैसे जमा कर रहा हूँ, और कुछ सरिया और ईंटें भी ख़रीद रखी हैं। क्या इन पर ज़कात वाजिब है?

निर्णय (फतवा)

मुख़्तसर जवाब: (1) जमा की गई रक़म: हाँ — जब तक वह हाथ में या बैंक में मौजूद है और निसाब व हौल पूरा करती है, उस पर ज़कात फ़र्ज़ है; 'यह मेरे घर के लिए है' की नीयत कोई छूट नहीं देती। (2) अपने ज़ाती घर के लिए ख़रीदा गया तामीरी सामान (सरिया, ईंट, सीमेंट): इस्तेमाल की चीज़ें — इन पर ज़कात नहीं। (3) ठेकेदार या मिस्त्री को अदा की जा चुकी रक़म: ख़र्च हो चुकी — हिसाब से बाहर। तफ़सील: इस अंदेशे से कि हर साल की ज़कात फ़ंड को घटा देगी, बहुत से लोग नक़द रक़म को जल्दी ज़मीन या तामीरी सामान में बदल लेते हैं — ज़ाती ज़रूरत के घर के लिए यह एक जायज़ तदबीर है (क्योंकि इस्तेमाल की चीज़ों पर ज़कात नहीं); लेकिन याद रहे कि ज़कात से बचने की नीयत से की गई बनावटी तब्दीली और हक़ीक़ी ज़रूरत की असल पेशरफ़्त एक नहीं — एतिबार नीयत ही का है। और अगर महसूस हो कि ज़कात देने से घर की तामीर पीछे जा रही है तो याद रखिए: फ़र्ज़ की अदायगी बरकत लाती है — 'सदक़ा माल को कम नहीं करता' (सहीह मुस्लिम 2588)। दलाइल: क़ुरआन 9:103; इब्ने माजा 1792 (हौल); सहीह मुस्लिम 2588; शैख़ इब्ने बाज़ और दाइमी फ़तवा कमेटी (लजना दाइमा): तामीर और शादी की बचत बनाम ज़ाती इस्तेमाल की चीज़ें। पेचीदा इंफ़िरादी सूरतों में किसी मुस्तनद आलिम से रुजू करें।

संदर्भ

Quran Quran 9:103
Hadith Ibn Majah 1792; Muslim 2588
Fiqh Ibn Baz; Permanent Committee
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