फ़तवा लाइब्रेरी

एसजीटी फतवा लाइब्रेरी आधुनिक परिसंपत्तियों की ज़कात पर सत्यापित इस्लामी फ़ैसले एकत्र करती है — क्रिप्टोकरेंसी, शेयर, पेंशन और जीपीएफ, रियल एस्टेट, तथा ऋण। प्रत्येक फतवा कुरान, हदीस और विद्वानों के संदर्भ देता है ताकि आप विश्वास से लागू कर सकें। हेडर भाषा स्विचर और नीचे फ़िल्टर इस्तेमाल करें, फिर कोई प्रविष्टि खोलकर पूरा फ़ैसला और प्रमाण पढ़ें।

Business & Trade

ज़कात के लिए तिजारती माल की क़ीमत लगाना

मैं अपनी दुकान के सामान की ज़कात के लिए क़ीमत कैसे लगाऊँ — लागत क़ीमत पर या फ़रोख़्त (बिक्री) क़ीमत पर, अपनी ज़कात की तारीख़ पर?

मुख़्तसर जवाब: आपके तिजारती माल की क़ीमत आपकी ज़कात की तारीख़ पर मौजूदा बाज़ारी फ़रोख़्त क़ीमत (selling price) के मुताबिक़ लगानी चाहिए। इसलिए कि ज़कात माल पर उसकी मौजूदा सूरत में वाजिब होती है, और सहाबा किराम (रज़ीअल्लाहु अन्हुम) का र…
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Hadith: Sahih al-Bukhari 1511; Sahih al-Bukhari 1448• Fiqh: Ibn Baz; al-Uthaymin; Permanent Committee
Business & Trade

ऐसी कारोबारी पूँजी की ज़कात जिसका अभी व्यापार शुरू नहीं हुआ

मैंने एक कारोबार के लिए पूँजी जमा की है जिसने अभी व्यापार शुरू नहीं किया — क्या उस बेकार पड़ी पूँजी पर ज़कात वाजिब है?

मुख़्तसर जवाब: हाँ, बेकार पड़ी कारोबारी पूँजी पर ज़कात वाजिब है अगर वह निसाब को पहुँच जाए और उस पर पूरा एक क़मरी साल (हौल) गुज़र जाए, चाहे कारोबार ने अभी व्यापार शुरू न किया हो। यह पूँजी तिजारत की नीयत से मिल्कियत में लिया गया …
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Hadith: Sahih al-Bukhari 1468; Sahih al-Bukhari 1405; Sahih al-Bukhari 1459; Sahih Muslim 987a• Fiqh: General principles from Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim; consensus of scholars (see e.g. Ibn Baz, al-Uthaymin).
Business & Trade

शोरूम में प्रदर्शित और डेमो वस्तुओं की ज़कात

क्या मेरे शोरूम में रखी प्रदर्शनी वाली गाड़ियाँ/उपकरण और डेमो यूनिट ज़कात के योग्य तिजारती माल हैं?

संक्षिप्त जवाब: आपके शोरूम में रखी प्रदर्शनी वाली गाड़ियाँ/उपकरण और डेमो यूनिट तभी तिजारती माल के तौर पर ज़कात के योग्य हैं जब उन्हें बेचने की नीयत से रखा गया हो। अगर उन्हें सिर्फ़ प्रदर्शन के लिए या स्थायी संपत्ति (fixed asset) के तौ…
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Hadith: Sahih al-Bukhari 1468; Sahih al-Bukhari 1454; Sahih al-Bukhari 1459; Sahih al-Bukhari 1404; Sahih al-Bukhari 1455• Fiqh: Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim; general principle from the Sunnah
Business & Trade

रेस्टोरेंट के जल्दी ख़राब होने वाले स्टॉक की ज़कात

मेरे रेस्टोरेंट में जल्दी ख़राब होने वाली सामग्री और सामान मौजूद हैं — इन पर ज़कात का हिसाब कैसे करूँ?

संक्षिप्त उत्तर: जी हाँ, क़मरी (चांद) साल के अंत में बिक्री की नीयत से रखे गए जल्दी ख़राब होने वाले स्टॉक (माले-तिजारत) की बाज़ार क़ीमत पर ज़कात वाजिब है, बशर्ते वह निसाब (कम से कम मात्रा) तक पहुँच जाए। चीज़ों का जल्दी ख़राब होने वाला …
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Hadith: Sahih al-Bukhari 1458; Sahih al-Bukhari 1404; Sahih al-Bukhari 1395• Fiqh: Ibn Baz; al-Uthaymin; Permanent Committee
Business & Trade

कच्चे माल और निर्माणाधीन सामान पर ज़कात

मेरी फ़ैक्ट्री में कच्चा माल, अधबना और तैयार सामान मौजूद है — इनमें से किन पर ज़कात है और कैसे?

मुख़्तसर जवाब: बिक्री की नीयत से रखा गया सारा माल (कच्चा माल, निर्माणाधीन और तैयार सामान) उरूज़-ए-तिजारत (व्यापार का माल) के तौर पर ज़कात के तहत आता है, बशर्ते कि उसकी कुल क़ीमत निसाब तक पहुँच जाए और उस पर एक क़मरी साल (हौल) गुज़र …
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Hadith: Sahih al-Bukhari 1404; Sahih al-Bukhari 1459; Sahih al-Bukhari 1405; Sahih al-Bukhari 1451• Fiqh: Ibn Baz; al-Uthaymin; Permanent Committee
Business & Trade

रास्ते में मौजूद इम्पोर्ट/एक्सपोर्ट माल की ज़कात

मेरे माल की क़ीमत अदा हो चुकी है लेकिन मेरी ज़कात की तारीख़ पर वह अभी जहाज़ में या कस्टम में है — क्या उस पर ज़कात वाजिब है?

मुख़्तसर जवाब: जी हाँ, जो माल मिल्कियत में हो और तिजारत की नीयत से रखा गया हो, वह मालِ तिजारत के तौर पर ज़कात के क़ाबिल है, चाहे वह रास्ते में हो या कस्टम में रुका हुआ हो, बशर्ते उसकी क़ीमत (दूसरे ज़कात वाले माल के साथ) निसाब तक प…
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Hadith: Sahih al-Bukhari 1454; Sahih al-Bukhari 1402; Sahih al-Bukhari 1404; Sahih Muslim 987a• Fiqh: Based on the general principles from Sahih al-Bukhari (1454, 1402, 1404) and Sahih Muslim (987a); no specific scholar cited in provided evidence.
Business & Trade

ज़कात और कारोबार की स्थायी जायदाद (दुकान, मशीनरी, गाड़ियाँ)

क्या मेरी दुकान, मशीनरी, डिलीवरी वैन और फ़र्नीचर पर ज़कात वाजिब है जो कारोबार चलाने के लिए इस्तेमाल होते हैं?

संक्षिप्त उत्तर: नहीं, कारोबार की स्थायी जायदाद जैसे दुकान, मशीनरी, डिलीवरी वैन और फ़र्नीचर जो कारोबार चलाने के लिए इस्तेमाल होते हैं, उन पर ज़कात वाजिब नहीं है, क्योंकि ये ख़ुद-ब-ख़ुद ज़कात के क़ाबिल माल में शुमार नहीं होते। ज़कात स…
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Hadith: Sahih al-Bukhari 1454; Sahih al-Bukhari 1405; Sahih Muslim 987a; Sahih al-Bukhari 1511; Sahih al-Bukhari 1448• Fiqh: Ibn Baz, al-Uthaymin, Permanent Committee (Al-Lajnah ad-Daimah)
Business & Trade

ई-कॉमर्स और ड्रॉपशिपिंग की ज़कात

मैं एक ऑनलाइन स्टोर चलाता हूँ, जिसमें कुछ ड्रॉपशिपिंग भी है जहाँ मेरे पास कोई मिल्कियत वाला स्टॉक नहीं होता — ज़कात कैसे हिसाब की जाए?

मुख़्तसर जवाब: आपके ई-कॉमर्स कारोबार में ज़कात सिर्फ़ उस माल पर वाजिब है जो आपकी मिल्कियत में हो, निसाब तक पहुँचे, और एक क़मरी साल (हौल) तक आपके क़ब्ज़े में रहे। तफ़सील: ड्रॉपशिपिंग में आप ऐसा माल बेचते हैं जिसके आप मालिक नहीं होते…
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Hadith: Sahih al-Bukhari 1454; Sahih al-Bukhari 1451; Sahih al-Bukhari 1450; Sahih al-Bukhari 1398• Fiqh: General principles from Sahih al-Bukhari and Sahih Muslim; Ibn Baz, al-Uthaymin, Permanent Committee
Business & Trade

मेरी दुकान में कंसाइनमेंट और दूसरों के माल की ज़कात

मैं कंसाइनमेंट पर माल बेचता हूँ जो मेरी मिल्कियत नहीं — ज़कात मुझ पर है या मालिक पर?

मुख़्तसर जवाब: कंसाइनमेंट के माल की ज़कात मालिक (कंसाइनर) पर वाजिब है, न कि उस दुकानदार पर जो सिर्फ़ उसे बेचने के लिए अपने पास रखता है। दुकानदार सिर्फ़ अपनी पूँजी और अपने माल के मुनाफ़े पर ज़कात देगा। तफ़सील: ज़कात की फ़र्ज़ियत माल …
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Hadith: Sahih al-Bukhari 1454; Sahih al-Bukhari 1451; Sahih al-Bukhari 1450• Fiqh: Ibn Baz; al-Uthaymin; Permanent Committee for Scholarly Research and Ifta'
Livestock & Agriculture

उश्र (10%) बनाम आधा उश्र (5%): बारिश बनाम सिंचाई

फ़सलों पर कब 10% और कब 5% वाजिब होता है, और अगर ज़मीन बारिश और सिंचाई दोनों से सींची जाए तो क्या हुक्म है?

मुख़्तसर जवाब: सहीह हदीस की रौशनी में, जो फ़सलें बारिश या क़ुदरती ज़राए (स्रोतों) से सींची जाएँ उनमें 10% (उश्र) वाजिब है, और जो मेहनत-मशक़्क़त (जैसे कुएँ) से सींची जाएँ उनमें 5% (आधा उश्र) वाजिब है। जो ज़मीन दोनों तरीक़ों से सींची …
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Hadith: Sahih al-Bukhari 1483; Sahih Muslim 981• Fiqh: Permanent Committee for Islamic Research and Ifta; Ibn Baz; al-Uthaymin
Livestock & Agriculture

बटाई और किराए पर ली गई खेती की ज़मीन पर उश्र

बटाई में और जब मैं खेती की ज़मीन किराए पर लेता हूँ, तो उश्र कौन अदा करेगा — ज़मीन का मालिक या काश्तकार?

संक्षिप्त जवाब: सहीह बुख़ारी 1483 से लिए गए आम उसूल के आधार पर, उश्र (या आधा उश्र) ख़ुद ज़िराअती पैदावार पर वाजिब है। इसलिए फ़सल काटने के वक़्त जो शख़्स फ़सल का मालिक हो, उसी पर अपने हिस्से का उश्र अदा करना वाजिब है। बटाई में ज़मीन का …
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Hadith: Sahih al-Bukhari 1483• Fiqh: Based on the general principle from Sahih al-Bukhari 1483; applied by scholars of Ahl al-Hadith such as Ibn Baz, al-Uthaymin, and the Permanent Committee for Islamic Research and Ifta.
Stocks & Shares

मख़्लूत कंपनियों की आमदनी की तत्हीर: अमली तरीक़ा

मैं शरीअत के मुताबिक़ स्क्रीन किए गए शेयरों में सरमायाकारी करता हूँ, फिर भी उन कंपनियों की मामूली सूदी आमदनी होती है। ठीक-ठीक कितनी रक़म और कैसे 'तत्हीर' करूँ?

मुख़्तसर जवाब: तत्हीर की मिक़दार = कंपनी की कुल आमदनी में हराम (सूद वग़ैरा) आमदनी का तनासुब × आपको मिलने वाला मुनाफ़ा/आमदनी। मिसाल: अगर कंपनी की आमदनी का 3% सूदी ज़रिये से हो, तो 10,000 टका के मुनाफ़े में से 300 टका सवाब की नीय…
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Quran: Quran 2:279• Hadith: Muslim 1015; Bukhari 52• Fiqh: contemporary shariah boards' purification method
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