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Cryptocurrency Jul 13, 2026

क्रिप्टो का निसाब और हौल कैसे हिसाब करें?

Question

क्रिप्टो की क़ीमतें साल भर घटती-बढ़ती रहती हैं। किस दिन की क़ीमत का एतबार होगा, निसाब किस चीज़ से नापा जाएगा, और हौल की गिनती कैसे होगी?

Ruling (Fatwa)

मुख़्तसर जवाब: एतबार उस दिन की बाज़ारी क़ीमत का है जिस दिन आपका हौल पूरा होता है; साल के बीच के उतार-चढ़ाव का कोई एतबार नहीं। निसाब 87.48 ग्राम सोने या 612.36 ग्राम चाँदी की क़ीमत है — दोनों में से कम क़ीमत वाले (आम तौर पर चाँदी) को मेयार बनाना एहतियात का रास्ता है जिसमें ग़रीबों का ज़्यादा फ़ायदा है। हौल क़मरी (हिजरी) साल है। तफ़सील: हौल उस दिन से शुरू होता है जिस दिन आपका नक़दी क़िस्म का माल (नक़द + क्रिप्टो + माल-ए-तिजारत मिलाकर) पहली बार निसाब तक पहुँचे। कॉइनों का आपस में तबादला (BTC→ETH) हौल नहीं तोड़ता, क्योंकि सब का सब नक़दी जिन्स ही का माल रहता है — बिल्कुल वैसे जैसे टका भुनाकर डॉलर लेने से साल नए सिरे से शुरू नहीं होता। दलीलें: सहीह बुख़ारी 1405 और सहीह मुस्लिम 979 (पाँच ऊक़िया से कम में ज़कात नहीं — चाँदी का निसाब); सहीह बुख़ारी 1454 (हज़रत अबू बक्र रज़ियल्लाहु अन्हु का ख़त); इब्ने माजा 1792, अल्लामा अलबानी के नज़दीक सहीह (हौल की शर्त); क़ुरआन 9:36 और 2:189 (क़मरी हिसाब)। अमली तरीक़ा: कोई एक हिजरी तारीख़ (मसलन 1 रमज़ान) अपना यौम-ए-ज़कात मुक़र्रर कर लें; हर साल उसी दिन अपनी तमाम होल्डिंग्स की उसी दिन की बाज़ारी क़ीमत लगाकर 2.5% अदा करें। पेचीदा इनफ़िरादी मसाइल में किसी मुस्तनद आलिम से रुजू करें।

References

Quran Quran 9:36; 2:189
Hadith Bukhari 1405, 1454; Muslim 979
Fiqh Permanent Committee; al-Uthaymin