← Back to Fatwas
Zakat al-Fitr Jul 13, 2026

सदक़ा-ए-फ़ित्र की मिक़दार: एक साअ

Question

सदक़ा-ए-फ़ित्र की मिक़दार कितनी है — एक साअ किलोग्राम में कितना होता है, और किस ग़िज़ा से अदा किया जाए?

Ruling (Fatwa)

मुख़्तसर जवाब: सदक़ा-ए-फ़ित्र एक साअ उस इलाक़े की मुरव्वजा बुनियादी ग़िज़ा से अदा करना वाजिब है। साअ पैमाना (हज्म की मिक़दार) है; किलोग्राम में इसका वज़न ग़िज़ा की क़िस्म के मुताबिक़ मुख़्तलिफ़ होता है, अलबत्ता उलमा एक साअ को गेहूँ या चावल के लिए तक़रीबन 2.5 किलोग्राम शुमार करते हैं। शरई हुक्म पैमाने पर मबनी है, वज़न पर नहीं। नबी ﷺ ने एक साअ खजूर, जौ, किशमिश, पनीर (अक़ित) या ग़ल्ला मुक़र्रर फ़रमाया (सहीह बुख़ारी 1511, 1508, 1510; सहीह मुस्लिम 985b, 984c)। दलाइल: 1. सहीह बुख़ारी 1511 – इब्न-ए-उमर रज़ियल्लाहु अन्हुमा से रिवायत है कि नबी ﷺ ने सदक़ा-ए-फ़ित्र के तौर पर एक साअ खजूर या एक साअ जौ वाजिब फ़रमाया। 2. सहीह मुस्लिम 985b – अबू सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं कि हम एक साअ ग़ल्ला, एक साअ पनीर या एक साअ किशमिश दिया करते थे। 3. सहीह मुस्लिम 984c – इब्न-ए-उमर रज़ियल्लाहु अन्हुमा से रिवायत है कि नबी ﷺ ने एक साअ खजूर या जौ मुक़र्रर फ़रमाया, और बाद में लोगों ने आधा साअ गेहूँ को इसके बराबर क़रार दिया। 4. सहीह बुख़ारी 1508 – अबू सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं कि नबी ﷺ के ज़माने में हम एक साअ ग़िज़ा, खजूर, जौ या किशमिश दिया करते थे। 5. सहीह बुख़ारी 1510 – अबू सईद रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं कि हम एक साअ ग़िज़ा (जौ, किशमिश, पनीर या खजूर) दिया करते थे। तंबीह: यह फ़तवा मज़कूरा सहीह नुसूस पर मबनी है। पेचीदा मसाइल या इलाक़ाई इख़्तिलाफ़ात में किसी मुस्तनद आलिम से रुजू फ़रमाएँ।

References

Hadith Sahih al-Bukhari 1511; Sahih Muslim 985b; Sahih Muslim 984c; Sahih al-Bukhari 1508; Sahih al-Bukhari 1510
Fiqh Sahih al-Bukhari; Sahih Muslim