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Stocks & Shares Jul 13, 2026

मिले हुए डिविडेंड की ज़कात

Question

मुझे हर साल कंपनी से कैश डिविडेंड मिलता है। क्या उस पर अलग से ज़कात वाजिब है?

Ruling (Fatwa)

मुख़्तसर जवाब: डिविडेंड जब मिल जाए तो वह आम नक़दी है जो आपके बाक़ी पैसों में शामिल हो जाती है। इसकी कोई अलग दर नहीं — आपके सालाना ज़कात के दिन जो कुछ बाक़ी रहे, वह आपकी कुल नक़दी के हिस्से के तौर पर 2.5% के हिसाब से अदा होगा। तफ़सील: जो डिविडेंड ज़कात के दिन से पहले ख़र्च हो चुका हो उस पर कोई ज़कात नहीं — ज़कात उसी माल पर वाजिब होती है जो उस दिन मौजूद हो। बोनस शेयर (स्टॉक डिविडेंड) असल शेयरों के हुक्म के ताबे हैं: अगर ट्रेडिंग पोर्टफोलियो का हिस्सा हों तो बाज़ारी क़ीमत पर, वरना लंबी मुद्दत के शेयरों के तरीक़े पर। दलील: क़ुरआन 2:267; सहीह बुख़ारी 1454 (नक़दी पर 2.5%); और साल के दौरान हासिल होने वाली आमदनी के बारे में शैख़ इब्ने उसैमीन की अमली रहनुमाई (साल में एक ही हिसाब की तारीख़)। अमल: अलग खाता रखने की ज़रूरत नहीं — अपने ज़कात के दिन बैंक + ब्रोकरेज + हाथ की नक़दी सब जोड़कर 2.5% अदा करें। हराम-मिली-जुली (मख़लूत) कंपनियों के डिविडेंड की तत्हीर एक अलग मसला है — इससे जुड़ा फ़तवा देखें। पेचीदा इनफ़िरादी सूरतों में किसी मुस्तनद आलिम से रुजू करें।

References

Quran Quran 2:267
Hadith Sahih al-Bukhari 1454
Fiqh al-Uthaymin on mid-year income