Fatwa Library

The SGT Fatwa Library brings together verified Islamic rulings on Zakat for modern assets — cryptocurrency, stocks and shares, pension and GPF funds, real estate, and debts and loans. Each fatwa cites its Quran, Hadith, and scholarly references so you can apply the ruling with confidence, and every entry is available in six languages — বাংলা, English, العربية, اردو, Bahasa Indonesia and हिन्दी. Use the language buttons above and the filters below, then open any entry to read the full ruling and the evidence behind it.

Debts & Loans

क्या क़र्ज़ होने से मेरी ज़कात कम हो जाएगी?

मेरी नक़द बचत निसाब से ज़्यादा है, लेकिन मुझ पर भारी क़र्ज़ भी है। क्या ज़कात का हिसाब करने से पहले क़र्ज़ घटा दूँ, या अपनी पूरी बचत पर ज़कात अदा करूँ?

मुख़्तसर जवाब: दलीलों के एतबार से राजेह (मज़बूत) मौक़िफ़ यह है कि क़र्ज़ होने के बावजूद आपके हाथ में मौजूद निसाब के बराबर माल पर ज़कात वाजिब है; क़र्ज़ ज़कात को नहीं रोकता। अलबत्ता बहुत-से उलमा ने वह रक़म घटाने की इजाज़त दी है जो फ़िलहा…
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Quran: Quran 9:103• Hadith: Sahih al-Bukhari 1395• Fiqh: al-Uthaymin; Ibn Baz
Cryptocurrency

खोए हुए या पहुँच से बाहर क्रिप्टो की ज़कात

मेरे वॉलेट की 'की' (key) खो गई है / मेरी रक़म एक दिवालिया एक्सचेंज में फँसी हुई है और वापसी ग़ैर-यक़ीनी है। क्या इस पर ज़कात वाजिब है?

मुख़्तसर जवाब: जब तक माल वाक़ई आपके क़ब्ज़े और इख़्तियार से बाहर है और उसकी वापसी ग़ैर-यक़ीनी है, उस पर ज़कात वाजिब नहीं — यह 'माल-ए-ज़िमार' (पहुँच से बाहर माल) के हुक्म में है। वापस मिलने पर नया हौल शुरू होगा और साल पूरा होने पर ज़क…
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Quran: Quran 2:286• Hadith: Ibn Majah 1792, sahih per al-Albani• Fiqh: al-Uthaymin; Permanent Committee on māl ḍimār
Cryptocurrency

स्टेबलकॉइन (USDT/USDC) की ज़कात

मैं अपनी बचत डॉलर से जुड़े (पेग्ड) स्टेबलकॉइन में रखता हूँ। क्या इनका हुक्म आम क्रिप्टो जैसा है या नक़द डॉलर जैसा?

मुख़्तसर जवाब: स्टेबलकॉइन दरहक़ीक़त डिजिटल डॉलर हैं और नक़द करेंसी के हुक्म में आते हैं। निसाब और हौल पूरा होने पर पूरी क़ीमत पर 2.5% ज़कात फ़र्ज़ है — यहाँ अहले-इल्म के किसी हक़ीक़ी तरद्दुद की गुंजाइश नहीं, क्योंकि इनकी क़ीमत काग़ज़ी करें…
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Quran: Quran 9:34-35; 2:275• Hadith: Muslim 987; Bukhari 1454• Fiqh: Ibn Baz; Permanent Committee on fiat currency
Cryptocurrency

स्टेकिंग और माइनिंग के इनामों (रिवॉर्ड्स) पर ज़कात

मुझे स्टेकिंग रिवॉर्ड्स या माइनिंग से नए कॉइन मिलते हैं। क्या इनकी ज़कात मिलते ही फ़ौरन अदा करूँ या साल गुज़रने के बाद?

मुख़्तसर जवाब: फ़ौरन नहीं। ये इनाम आपके कुल नक़दी माल में शामिल हो जाते हैं; आपके मुक़र्रर सालाना ज़कात के दिन जो कुछ आपके पास हो उस पर 2.5% अदा कर देने से फ़र्ज़ अदा हो जाता है — यही सबसे आसान और महफ़ूज़ तरीक़ा है। तफ़सील: साल के द…
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Quran: Quran 9:103; 2:275• Hadith: Ibn Majah 1792, sahih per al-Albani• Fiqh: al-Uthaymin on periodic income
Cryptocurrency

सक्रिय क्रिप्टो ट्रेडर की ज़कात कैसे?

मैं नियमित ट्रेडिंग करता हूँ — कॉइन बार-बार बदलता हूँ, नफ़ा और नुक़सान दोनों होते हैं। मुझे ठीक-ठीक किस चीज़ पर ज़कात देनी होगी?

मुख़्तसर जवाब: ट्रेडिंग पोर्टफोलियो उरूज़-ए-तिजारत (व्यापारिक माल) के हुक्म में है — अपने ज़कात के दिन पूरे पोर्टफोलियो की बाज़ारी क़ीमत और ट्रेडिंग से जमा नक़दी, सब मिलाकर 2.5% अदा करें। साल के बीच की हर-हर ट्रेड का अलग हिसाब रखना ज़…
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Quran: Quran 2:267• Hadith: Sahih al-Bukhari 1454• Fiqh: Permanent Committee; Ibn Baz; al-Uthaymin
Cryptocurrency

क्रिप्टो का निसाब और हौल कैसे हिसाब करें?

क्रिप्टो की क़ीमतें साल भर घटती-बढ़ती रहती हैं। किस दिन की क़ीमत का एतबार होगा, निसाब किस चीज़ से नापा जाएगा, और हौल की गिनती कैसे होगी?

मुख़्तसर जवाब: एतबार उस दिन की बाज़ारी क़ीमत का है जिस दिन आपका हौल पूरा होता है; साल के बीच के उतार-चढ़ाव का कोई एतबार नहीं। निसाब 87.48 ग्राम सोने या 612.36 ग्राम चाँदी की क़ीमत है — दोनों में से कम क़ीमत वाले (आम तौर पर चाँदी…
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Quran: Quran 9:36; 2:189• Hadith: Bukhari 1405, 1454; Muslim 979• Fiqh: Permanent Committee; al-Uthaymin
Cryptocurrency

क्या क्रिप्टोकरेंसी पर ज़कात फ़र्ज़ है?

मेरे पास बिटकॉइन और कुछ दूसरी क्रिप्टोकरेंसियाँ हैं। क्या इन पर ज़कात वाजिब है?

मुख़्तसर जवाब: जी हाँ। क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन का ज़रिया और क़ीमत महफ़ूज़ रखने का वसीला है, इसलिए इस पर करेंसी/माल-ए-तिजारत का हुक्म लगता है। जब इसकी बाज़ारी क़ीमत निसाब तक पहुँच जाए और उस पर क़मरी साल (हौल) गुज़र जाए तो कुल क़ीमत का …
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Quran: Quran 9:103• Hadith: Bukhari 1454; Ibn Majah 1792• Fiqh: Ibn Baz & al-Uthaymin on currency zakat
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